पीरियड्स में दर्द के आम कारण क्या हैं?

पीरियड के दौरान होने वाले दर्द को मेडिकल भाषा में डिस्मेनोरिया (Dysmenorrhea) कहा जाता है।
पीरियड में दर्द के मुख्य कारण (Common Causes)
प्रोस्टाग्लैंडिंस (Prostaglandins) – प्राकृतिक कारण
यह पीरियड पेन का सबसे आम कारण है। पीरियड के दौरान गर्भाशय (uterus) की परत को बाहर निकालने के लिए गर्भाशय की मांसपेशियां सिकुड़ती हैं।
- कैसे काम करता है: प्रोस्टाग्लैंडिंस नामक हार्मोन जैसे तत्व इन संकुचनों को ट्रिगर करते हैं।
- असर: शरीर में प्रोस्टाग्लैंडिंस का स्तर जितना अधिक होगा, दर्द उतना ही तेज महसूस होगा।
एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis) – मेडिकल स्थिति
इसमें गर्भाशय के अंदर पाए जाने वाले ऊतक (tissues) गर्भाशय के बाहर (जैसे अंडाशय या फैलोपियन ट्यूब पर) बढ़ने लगते हैं। यह बहुत गंभीर दर्द का कारण बन सकता है।
फाइब्रॉएड (Uterine Fibroids)
ये गर्भाशय की दीवार में होने वाली गैर-कैंसरकारी गांठें होती हैं। इनके कारण न केवल दर्द होता है, बल्कि ब्लीडिंग भी बहुत भारी (Heavy flow) हो सकती है।
एडेनोमायोसिस (Adenomyosis)
जब गर्भाशय की परत बनाने वाले ऊतक गर्भाशय की मांसपेशियों की दीवार में बढ़ने लगते हैं, तो इसे एडेनोमायोसिस कहते हैं। इससे गर्भाशय में सूजन और तेज ऐंठन होती है।
क्या थोड़ा–बहुत दर्द होना सामान्य है?
हाँ, हल्का या मध्यम दर्द जो गर्म सिकाई या आराम से ठीक हो जाए, सामान्य माना जाता है। लेकिन अगर दर्द इतना तेज है कि आप अपने रोजमर्रा के काम नहीं कर पा रही हैं, तो यह सामान्य नहीं है।
क्या उम्र के साथ पीरियड का दर्द कम हो जाता है?
कई महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ, और विशेष रूप से बच्चे के जन्म के बाद, पीरियड के दर्द में कमी देखी जाती है।
डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए यदि:
- दर्द हर महीने बढ़ता जा रहा हो।
- दवाइयों के बाद भी आराम न मिले।
- पीरियड खत्म होने के बाद भी पेल्विक एरिया (पेट के निचले हिस्से) में दर्द रहे।
- ब्लीडिंग बहुत ज्यादा हो।
क्या डाइट का असर दर्द पर पड़ता है?
बिल्कुल। ज्यादा नमक, कैफीन (चाय-कॉफी) और चीनी का सेवन सूजन बढ़ा सकता है, जिससे दर्द ज्यादा महसूस होता है। हाइड्रेटेड रहना और ओमेगा-3 से भरपूर चीजें लेना फायदेमंद होता है।

