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पीरियड्स में दर्द क्यों होता है? कारण, राहत के उपाय और अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मासिक धर्म या पीरियड्स हर महिला के स्वास्थ्य चक्र का एक अनिवार्य हिस्सा हैं। लेकिन कई महिलाओं के लिए, यह समय पेट के निचले हिस्से में तेज मरोड़, कमर दर्द और थकान लेकर आता है। चिकित्सा की भाषा में इसे डिसमेनोरिया (Dysmenorrhea) कहा जाता है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह दर्द आखिर होता क्यों है? क्या यह सामान्य है? आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

पीरियड्स में दर्द होने का वैज्ञानिक कारण

पीरियड के दौरान दर्द का मुख्य कारण गर्भाशय (Uterus) का संकुचन है।

1.  प्रोस्टाग्लैंडिन्स (Prostaglandins): जब गर्भधारण नहीं होता, तो गर्भाशय की परत (Endometrium) टूटने लगती है। इस प्रक्रिया के दौरान शरीर ‘प्रोस्टाग्लैंडिन्स’ नामक हार्मोन जैसा रसायन रिलीज करता है।

2.  गर्भाशय का संकुचन: यह रसायन गर्भाशय की मांसपेशियों को सिकुड़ने के लिए प्रेरित करता है ताकि खून बाहर निकल सके।

3.  रक्त प्रवाह में कमी: जब गर्भाशय जोर से सिकुड़ता है, तो वहां मौजूद रक्त वाहिकाएं दब जाती हैं, जिससे गर्भाशय के ऊतकों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है। ऑक्सीजन की इसी कमी के कारण तेज दर्द और ऐंठन महसूस होती है।

दर्द के अन्य कारण

यदि दर्द बहुत ज्यादा है और सामान्य घरेलू उपायों से ठीक नहीं हो रहा, तो इसके पीछे कुछ अन्य चिकित्सीय स्थितियां हो सकती हैं:

·  एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis): जब गर्भाशय की परत जैसे ऊतक गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगते हैं।

·  फाइब्रॉएड (Fibroids): गर्भाशय की दीवार में गैर-कैंसरयुक्त गांठें होना।

·  PID: प्रजनन अंगों में संक्रमण।

 

क्या पीरियड्स के दौरान दर्द होना सामान्य है?

हाँ, हल्का से मध्यम दर्द पूरी तरह सामान्य है। यह संकेत देता है कि आपका शरीर प्राकृतिक रूप से गर्भाशय की परत को बाहर निकाल रहा है। लेकिन अगर दर्द इतना तेज है कि आप अपने दैनिक काम नहीं कर पा रही हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

क्या पेनकिलर (जैसे Meftal Spas) लेना सुरक्षित है?

यदि दर्द असहनीय है, तो कभी-कभी डॉक्टर की सलाह पर दवा लेना ठीक है। हालांकि, बार-बार बिना सलाह के दवा लेने से बचना चाहिए। आप पहले गर्म सिकाई या हर्बल चाय जैसे प्राकृतिक तरीके आजमा सकती हैं।

क्या पीरियड्स के दौरान व्यायाम करना चाहिए?

हाँ! हल्का व्यायाम जैसे पैदल चलना या योग शरीर में एंडोर्फिन (Endorphins) रिलीज करता है, जो प्राकृतिक रूप से दर्द कम करने वाले हार्मोन हैं। भारी वर्कआउट से बचें, लेकिन सक्रिय रहना फायदेमंद है।

खान-पान में क्या बदलाव करने चाहिए?

पीरियड्स के दौरान कैफीन (चाय/कॉफी), ज्यादा नमक और ठंडी चीजों से बचें। अजवाइन का पानी, अदरक की चाय और डार्क चॉकलेट दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

यदि दर्द हर महीने बढ़ता जा रहा हो।

·  यदि दर्द निवारक दवाओं का कोई असर न हो।

·  यदि आपको अत्यधिक ब्लीडिंग (Heavy Bleeding) हो रही हो।

·  यदि दर्द पीरियड्स खत्म होने के बाद भी बना रहे।

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